Fasal Sahayata Yojana 2025: बिहार के किसान भाइयों के लिए एक राहत भरी खबर है! प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि या अत्यधिक वर्षा से फसल क्षति की स्थिति में अब किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए बिहार सरकार ने बिहार राज्य फसल सहायता योजना (Bihar Fasal Sahayata Yojana) शुरू की है। यह योजना विशेष रूप से उन किसानों के लिए डिजाइन की गई है जिनकी मेहनत एक पल में प्रकृति की मार से बर्बाद हो जाती है। इस योजना के तहत किसानों को उनकी फसल क्षति के अनुपात में ₹7,500 से लेकर ₹10,000 प्रति हेक्टेयर तक का वित्तीय मुआवजा प्रदान किया जाएगा, जो सीधे उनके बैंक खाते में DBT के माध्यम से ट्रांसफर किया जाएगा। यह योजना किसानों को वित्तीय संकट से उबारने और उन्हें अगली फसल के लिए प्रोत्साहित करने का एक सराहनीय कदम है।
योजना का उद्देश्य ????
बिहार फसल सहायता योजना का प्राथमिक उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली फसल क्षति की भरपाई करना और किसानों को त्वरित वित्तीय सहारा प्रदान करना है। बिहार जैसे राज्य में जहाँ बाढ़ और सूखा एक सामान्य घटना है, वहाँ किसानों को नियमित रूप से इन समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस योजना के माध्यम से सरकार का लक्ष्य किसानों की आय में स्थिरता लाना और उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है, ताकि वे फसल खराब होने की स्थिति में भी आत्मनिर्भर बने रहें और अगली फसल की बुआई के लिए प्रेरित हों।
लाभ एवं विशेषताएं ????
इस योजना के अंतर्गत किसानों को कई प्रमुख लाभ प्रदान किए जा रहे हैं। योजना में धान, मक्का, सोयाबीन, आलू, बैंगन, टमाटर और गोभी जैसी अधिसूचित फसलें शामिल हैं। फसल क्षति दर के आधार पर, यदि किसान की फसल को 20% तक नुकसान हुआ है तो उसे ₹7,500 प्रति हेक्टेयर की दर से सहायता राशि प्रदान की जाएगी, जबकि 20% से अधिक नुकसान की स्थिति में ₹10,000 प्रति हेक्टेयर का मुआवजा दिया जाएगा। एक किसान को अधिकतम 2 हेक्टेयर तक की फसल के लिए ही मुआवजा का लाभ मिलेगा। यह योजना नगर पंचायत और नगर परिषद क्षेत्रों के किसानों को भी कवर करती है। सबसे बड़ी बात यह है कि सहायता राशि सीधे किसान के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में DBT के माध्यम से ट्रांसफर की जाती है, जिससे किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी की संभावना नगण्य है।
पात्रता मानदंड ✅
इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को कुछ पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा। आवेदक बिहार राज्य का एक स्थायी निवासी होना चाहिए और उसके पास खेती योग्य जमीन होनी चाहिए। किसान की फसल किसी भी प्राकृतिक आपदा जैसे बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि, अतिवृष्टि आदि से क्षतिग्रस्त हुई होनी चाहिए। आवेदक के पास अपना किसान निबंधन संख्या (Registration Number) होना अनिवार्य है। एक किसान अधिकतम 2 हेक्टेयर भूमि के लिए ही दावा कर सकता है। योजना का लाभ लेने के लिए किसान का बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए।
आवश्यक दस्तावेज़ ????
योजना में आवेदन करने के लिए किसानों को निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी। सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र या राजस्व रसीद है जो जमीन के मालिकाना हक का प्रमाण देती है। वार्ड सदस्य या किसान सलाहकार द्वारा हस्ताक्षरित स्व-घोषणा पत्र भी जमा करना अनिवार्य है। इसके अलावा आधार कार्ड, बैंक खाता की पासबुक, पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ और मोबाइल नंबर की भी आवश्यकता होगी। सभी दस्तावेजों की स्कैन कॉपी ऑनलाइन आवेदन के दौरान अपलोड करनी होगी।
मुआवजा राशि का विवरण
निम्न तालिका में फसल क्षति के अनुपात के आधार पर मिलने वाले मुआवजे का विवरण दिया गया है:
| फसल क्षति का प्रतिशत | मुआवजा राशि (प्रति हेक्टेयर) |
|---|---|
| 20% तक की क्षति | ₹7,500 |
| 20% से अधिक क्षति | ₹10,000 |
आवेदन कैसे करें? ????
बिहार फसल सहायता योजना में आवेदन करने की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन है जिससे किसानों को कहीं भी आना-जाना नहीं पड़ेगा। सबसे पहले आपको बिहार राज्य फसल सहायता योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। वेबसाइट के होम पेज पर आपको “खरीफ 2024 हेतु आवेदन करें” के विकल्प पर क्लिक करना होगा। इसके बाद आपसे आपकी किसान निबंधन संख्या दर्ज करने के लिए कहा जाएगा। संख्या दर्ज करने और सर्च बटन दबाने के बाद आपके सामने आवेदन फॉर्म खुल जाएगा। इस फॉर्म में सभी आवश्यक जानकारी जैसे व्यक्तिगत विवरण, जमीन का विवरण, फसल का विवरण और बैंक खाते की जानकारी ध्यानपूर्वक भरें। सभी जानकारी भरने के बाद मांगे गए दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करें और फॉर्म को सबमिट कर दें। सबमिट करने के बाद आपको एक पावती रसीद मिलेगी, जिसे भविष्य के संदर्भ के लिए सुरक्षित रखें।
महत्वपूर्ण लिंक ????
- आधिकारिक वेबसाइट: बिहार फसल सहायता योजना
- शिकायत निवारण: [हेल्पलाइन नंबर] – राज्य कृषि विभाग के हेल्पडेस्क से संपर्क करें
सामान्य प्रश्न (FAQs) ❓
1. क्या इस योजना का लाभ लेने के लिए किसान का निबंधन अनिवार्य है?
हां, इस योजना में आवेदन करने के लिए किसान का पंजीकृत होना और उसके पास वैध किसान निबंधन संख्या होना अनिवार्य है। बिना निबंधन संख्या के आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकती।
2. अगर एक किसान की एक हेक्टेयर से अधिक जमीन है तो क्या वह पूरी जमीन के लिए मुआवजा प्राप्त कर सकता है?
नहीं, योजना के नियमों के अनुसार एक किसान अधिकतम 2 हेक्टेयर भूमि के लिए ही मुआवजे का दावा कर सकता है। भले ही उसके पास इससे अधिक जमीन हो, उसे केवल 2 हेक्टेयर तक की फसल क्षति के लिए ही मुआवजा मिलेगा।

