MSP Rate 2025 increase: भारत सरकार ने किसानों को राहत देते हुए रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की घोषणा की है। गेहूं का MSP पिछले साल के ₹2275 के मुकाबले ₹2425 प्रति क्विंटल तय किया गया है, जबकि सरसों में ₹300 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी के साथ MSP ₹5950 हो गया है। यह निर्णय किसानों की आय बढ़ाने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
MSP बढ़ोतरी के मुख्य आंकड़े
| फसल | 2024-25 MSP (₹/क्विंटल) | 2025-26 MSP (₹/क्विंटल) | बढ़ोतरी (₹) |
|---|---|---|---|
| गेहूं | 2275 | 2425 | 150 |
| सरसों | 5650 | 5950 | 300 |
| चना | 5350 | 5650 | 300 |
| मसूर | 6400 | 6700 | 300 |
| कुसुम | 5640 | 5940 | 300 |
स्रोत: कृषि मंत्रालय, भारत सरकार
क्यों बढ़ाया गया MSP?
- किसानों को बाजार जोखिम से बचाना: बाजार में कीमतें गिरने पर MSP किसानों को सुरक्षा कवच देगा।
- फसल विविधीकरण को बढ़ावा: दलहन और तिलहन पर ज्यादा MSP से किसान इन फसलों की ओर रुख करेंगे।
- CACP की सिफारिश: कृषि लागत और मूल्य आयोग (CACP) ने उत्पादन लागत में 1.5x का फॉर्मूला लागू किया।
MSP कैसे तय होता है?
- CACP सिफारिश: आयोग उत्पादन लागत, मांग-आपूर्ति और बाजार रुझानों का विश्लेषण करता है।
- कैबिनेट की मंजूरी: केंद्रीय मंत्रिमंडल अंतिम MSP घोषित करता है।
- 23 फसलें कवर: अनाज, दलहन, तिलहन और कपास जैसी व्यावसायिक फसलें शामिल।
कैसे बेचें फसल MSP पर?
- पंजीकरण: अपने नजदीकी मंडी या खरीद केंद्र में रजिस्टर करें।
- दस्तावेज: जमीन के कागजात, आधार कार्ड और बैंक डिटेल्स ले जाएं।
- भुगतान: MSP राशि सीधे बैंक खाते में 72 घंटे में ट्रांसफर।
नोट: अगर बाजार में कीमत MSP से ज्यादा है, तो किसान स्वतंत्र रूप से वहां बेच सकते हैं।
अधिकारिक जानकारी कहां से लें?
- कृषि मंत्रालय की वेबसाइट: agriculture.gov.in
- MSP रेट की पूरी लिस्ट: यहां क्लिक करें
- शिकायत निवारण: टोल-फ्री नंबर 1800-180-1551
डिस्क्लेमर: यह जानकारी कृषि मंत्रालय के आधिकारिक नोटिफिकेशन पर आधारित है। MSP दरों में भविष्य में बदलाव संभव है, इसलिए अपडेट के लिए अधिकारिक स्रोत चेक करते रहें।

